वाइज़ 5:1 - किताब-ए मुक़द्दस1 अल्लाह के घर में जाते वक़्त अपने क़दमों का ख़याल रख और सुनने के लिए तैयार रह। यह अहमक़ों की क़ुरबानियों से कहीं बेहतर है, क्योंकि वह जानते ही नहीं कि ग़लत काम कर रहे हैं। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20191 जब तू ख़ुदा के घर को जाता है तो संजीदगी से क़दम रख, क्यूँकि सुनने के लिए जाना बेवक़ूफ़ों के जैसे ज़बीहे पेश करने से बेहतर है, इसलिए कि वह नहीं समझते कि बुराई करते हैं। See the chapter |