वाइज़ 2:5 - किताब-ए मुक़द्दस5 मुतअद्दिद बाग़ और पार्क लगाकर उनमें मुख़्तलिफ़ क़िस्म के फलदार दरख़्त लगाए। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20195 मैंने अपने लिए बाग़ीचे और बाग़ तैयार किए और उनमें हर क़िस्म के मेवादार दरख़्त लगाए। See the chapter |