वाइज़ 2:23 - किताब-ए मुक़द्दस23 उसके तमाम दिन दुख और रंजीदगी से भरे रहते हैं, रात को भी उसका दिल आराम नहीं पाता। यह भी बातिल ही है। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201923 क्यूँकि उसके लिए उम्र भर ग़म है, और उसकी मेहनत मातम हैं; बल्कि उसका दिल रात को भी आराम नहीं पाता। ये भी बेकार है। See the chapter |