दानियाल 7:2 - किताब-ए मुक़द्दस2 रात के वक़्त मैं, दानियाल ने रोया में देखा कि आसमान की चारों हवाएँ ज़ोर से बड़े समुंदर को मुतलातिम कर रही हैं। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20192 दानीएल ने यूँ कहा, कि मैने रात को एक ख्व़ाब देखा, और क्या देखता हूँ कि आसमान की चारों हवाएँ समन्दर पर ज़ोर से चलीं। See the chapter |