दानियाल 4:34 - किताब-ए मुक़द्दस34 लेकिन सात साल गुज़रने के बाद मैं, नबूकदनज़्ज़र अपनी आँखों को आसमान की तरफ़ उठाकर दुबारा होश में आया। तब मैंने अल्लाह तआला की तमजीद की, मैंने उस की हम्दो-सना की जो हमेशा तक ज़िंदा है। उस की हुकूमत अबदी है, उस की सलतनत नसल-दर-नसल क़ायम रहती है। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201934 और इन दिनों के गुज़रने के बा'द, मैं नबूकदनज़र ने आसमान की तरफ़ आँखें उठाई और मेरी 'अक़्ल मुझमे फिर आई और मैने हक़ — त'आला का शुक्र किया, और उस हय्युल — क़य्यूम की बड़ाई — ओ — सना की, जिसकी सल्तनत हमेशा और जिसकी ममलुकत नसल — दर — नसल है। See the chapter |