दानियाल 4:33 - किताब-ए मुक़द्दस33 ज्योंही आवाज़ बंद हुई तो ऐसा ही हुआ। नबूकदनज़्ज़र को इनसानी संगत से निकालकर भगाया गया, और वह बैलों की तरह घास चरने लगा। उसका जिस्म आसमान की ओस से तर होता रहा। होते होते उसके बाल उक़ाब के परों जितने लंबे और उसके नाख़ुन परिंदे के चंगुल की मानिंद हुए। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201933 उसी वक़्त नबूकदनज़र बादशाह पर यह बात पूरी हुई, और वह आदमियों में से निकाला गया और बैलों की तरह घास खाता रहा और उसका बदन आसमान की शबनम से तर हुआ, यहाँ तक कि उसके बाल उक़ाब के परों की तरह और उसके नाख़ून परिन्दों के चँगुल की तरह बढ़ गए। See the chapter |