दानियाल 2:45 - किताब-ए मुक़द्दस45 यही ख़ाब में उस पत्थर का मतलब है जिसने बग़ैर किसी इनसानी हाथ के पहाड़ी ढलान से अलग होकर मुजस्समे के लोहे, पीतल, मिट्टी, चाँदी और सोने को पाश पाश कर दिया। इस तरीक़े से अज़ीम ख़ुदा ने बादशाह पर ज़ाहिर किया है कि मुस्तक़बिल में क्या कुछ पेश आएगा। यह ख़ाब क़ाबिले-एतमाद और उस की ताबीर सहीह है।” See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201945 जैसा तू ने देखा कि वह पत्थर हाथ लगाए बगै़र ही पहाड़ से काटा गया, और उसने लोहे और ताँम्बे और मिट्टी और चाँदी और सोने को टुकड़े — टुकड़े किया; ख़ुदा त'आला ने बादशाह को वह कुछ दिखाया जो आगे को होने वाला हैं, और यह ख़्वाब यक़ीनी है और उसकी ता'बीर यक़ीनी।” See the chapter |