दानियाल 10:8 - किताब-ए मुक़द्दस8 चुनाँचे मैं अकेला ही रह गया। लेकिन यह अज़ीम रोया देखकर मेरी सारी ताक़त जाती रही। मेरे चेहरे का रंग माँद पड़ गया और मैं बेबस हुआ। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20198 इसलिए मैं अकेला रह गया और यह बड़ा ख्व़ाब देखा, और मुझ में हिम्मत न रही क्यूँकि मेरी ताज़गी मायूसी से बदल गई और मेरी ताक़त जाती रही। See the chapter |