कुलुस्सियों 2:23 - किताब-ए मुक़द्दस23 बेशक यह अहकाम जो घड़े हुए मज़हबी फ़रायज़, नाम-निहाद फ़रोतनी और जिस्म के सख़्त दबाव का तक़ाज़ा करते हैं हिकमत पर मबनी तो लगते हैं, लेकिन यह बेकार हैं और सिर्फ़ जिस्म ही की ख़ाहिशात पूरी करते हैं। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201923 बेशक यह अह्काम जो गढ़े हुए मज़्हबी फ़राइज़, नाम — निहाद फ़रोतनी और जिस्म के सख़्त दबाओ का तक़ाज़ा करते हैं हिक्मत पर मुन्हसिर तो लगते हैं, लेकिन यह बेकार हैं और सिर्फ़ जिस्म ही की ख़्वाहिशात पूरी करते हैं। See the chapterउर्दू हमअस्र तरजुमा23 यह ख़ुद साख़ता इबादत, क़ाइदे और क़ानून ज़ाहिर में तो माक़ूल लगते हैं, क्यूंके इन में जिस्मानी रियाज़त और ज़ाहिरी फ़िरोतनी पर ज़ोर दिया गया, मगर जिस्मानी ख़ाहिशों पर क़ाबू पाने में इन से कोई मदद नहीं मिलती। See the chapter |