कुलुस्सियों 2:2 - किताब-ए मुक़द्दस2 मेरी कोशिश यह है कि उनकी दिली हौसलाअफ़्ज़ाई की जाए और वह मुहब्बत में एक हो जाएँ, कि उन्हें वह ठोस एतमाद हासिल हो जाए जो पूरी समझ से पैदा होता है। क्योंकि मैं चाहता हूँ कि वह अल्लाह का राज़ जान लें। राज़ क्या है? मसीह ख़ुद। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20192 मेरी कोशिश यह है कि उन की दिली हौसला अफ़्ज़ाई की जाए और वह मुहब्बत में एक हो जाएँ, कि उन्हें वह ठोस भरोसा हासिल हो जाए जो पूरी समझ से पैदा होता है। क्यूँकि मैं चाहता हूँ कि वह ख़ुदा का राज़ जान लें। राज़ क्या है? मसीह ख़ुद। See the chapterउर्दू हमअस्र तरजुमा2 मेरी कोशिश ये है के उन की दिली हौसला अफ़्ज़ाई कर के आपसी महब्बत में एक किया जाये, ताके वो अक़्ल और दानिश की सारी दौलत पायें और ख़ुदा के राज़ को, जान लें यानी अलमसीह को, See the chapter |