रसूलों 9:36 - किताब-ए मुक़द्दस36 याफ़ा में एक औरत थी जो शागिर्द थी और नेक काम करने और ख़ैरात देने में बहुत आगे थी। उसका नाम तबीता (ग़ज़ाला) था। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201936 और याफ़ा शहर में एक शागिर्द थी, तबीता नाम जिसका तर्जुमा हरनी है, वो बहुत ही नेक काम और ख़ैरात किया करती थी। See the chapterउर्दू हमअस्र तरजुमा36 याफ़ा में एक मसीही ख़ातून शागिर्द थी जिस का नाम तबीता (यूनानी में डोरकास यानी) हिरनी था जो हमेशा नेकी करने और ग़रीबों की मदद करने में लगी रहती थी। See the chapter |