2 तीमु 4:2 - किताब-ए मुक़द्दस2 कि वक़्त बेवक़्त कलामे-मुक़द्दस की मुनादी करने के लिए तैयार रहें। बड़े सब्र से ईमानदारों को तालीम देकर उन्हें समझाएँ, मलामत करें और उनकी हौसलाअफ़्ज़ाई भी करें। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20192 कि तू कलाम की मनादी कर वक़्त और बे वक़्त मुस्त'इद रह, हर तरह के तहम्मील और ता'लीम के साथ समझा दे और मलामत और नसीहत कर। See the chapterउर्दू हमअस्र तरजुमा2 कलाम की मुनादी कर; वक़्त बे वक़्त तय्यार रह; बड़े सब्र और तालीम के साथ लोगों को समझा, मलामत और उन की हौसला अफ़्ज़ाई कर। See the chapter |