2 तीमु 2:9 - किताब-ए मुक़द्दस9 जिसकी ख़ातिर मैं दुख उठा रहा हूँ, यहाँ तक कि मुझे आम मुजरिम की तरह ज़ंजीरों से बाँधा गया है। लेकिन अल्लाह का कलाम ज़ंजीरों से बाँधा नहीं जा सकता। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20199 जिसके लिए मैं बदकार की तरह दुःख उठाता हूँ यहाँ तक कि क़ैद हूँ मगर ख़ुदा का कलाम क़ैद नहीं। See the chapterउर्दू हमअस्र तरजुमा9 इसी ख़ुशख़बरी के लिये मैं मुजरिम की तरह दुख उठाता और ज़न्जीरों से जकड़ा हुआ हूं। लेकिन ख़ुदा का कलाम क़ैद नहीं है। See the chapter |