2 थिस्स 1:3 - किताब-ए मुक़द्दस3 भाइयो, वाजिब है कि हम हर वक़्त आपके लिए ख़ुदा का शुक्र करें। हाँ, यह मौज़ूँ है, क्योंकि आपका ईमान हैरतअंगेज़ तरक़्क़ी कर रहा है और आप सबकी एक दूसरे से मुहब्बत बढ़ रही है। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20193 ऐ भाइयों! तुम्हारे बारे में हर वक़्त ख़ुदा का शुक्र करना हम पर फ़र्ज़ है, और ये इसलिए मुनासिब है, कि तुम्हारा ईमान बहुत बढ़ता जाता है; और तुम सब की मुहब्बत आपस में ज़्यादा होती जाती है। See the chapterउर्दू हमअस्र तरजुमा3 ऐ भाईयो और बहनों! तुम्हारे लिये ख़ुदा का शुक्र करते रहना हमारा फ़र्ज़ है। ऐसा करना इसलिये मुनासिब है के तुम्हारा ईमान तरक़्क़ी पर है और तुम सब की बाहमी महब्बत भी बढ़ती जा रही है। See the chapter |