2 समुएल 15:7 - किताब-ए मुक़द्दस7 यह सिलसिला चार साल जारी रहा। एक दिन अबीसलूम ने दाऊद से बात की, “मुझे हबरून जाने की इजाज़त दीजिए, क्योंकि मैंने रब से ऐसी मन्नत मानी है जिसके लिए ज़रूरी है कि हबरून जाऊँ। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20197 और चालीस बरस के बाद यूँ हुआ कि अबीसलोम ने बादशाह से कहा, “मुझे ज़रा जाने दे कि मैं अपनी मिन्नत जो मैंने ख़ुदावन्द के लिए मानी है हब्रून में पूरी करूँ। See the chapter |