2 सलातीन 7:5 - किताब-ए मुक़द्दस5 शाम के धुँधलके में वह रवाना हुए। लेकिन जब लशकरगाह के किनारे तक पहुँचे तो एक भी आदमी नज़र न आया। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20195 फिर वह शाम के वक़्त उठ कर अरामियों के लश्करगाह को गए, और जब वह अरामियों के लश्करगाह की बाहर की हद पर पहुँचे तो देखा, कि वहाँ कोई आदमी नहीं है। See the chapter |