2 कुरि 8:4 - किताब-ए मुक़द्दस4 उन्होंने बड़े ज़ोर से हमसे मिन्नत की कि हमें भी यहूदिया के मुक़द्दसीन की ख़िदमत करने का मौक़ा दें, हम भी देने के फ़ज़ल में शरीक होना चाहते हैं। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20194 और इस ख़ैरात और मुक़द्दसों की ख़िदमत की शिराकत के ज़रिए हम से बड़ी मिन्नत के साथ दरख़्वास्त की। See the chapterउर्दू हमअस्र तरजुमा4 उन्होंने ने हमारी उम्मीद के मुताबिक़ ख़ुदा को दिया बल्के उस से कहीं ज़्यादा दिया: और हमारी मिन्नत की के उन्हें भी मुक़द्दसीन की इस ख़िदमत में शरीक किया जाये। See the chapter |