2 कुरि 6:4 - किताब-ए मुक़द्दस4 हाँ, हमें सिफ़ारिश की ज़रूरत ही नहीं, क्योंकि अल्लाह के ख़ादिम होते हुए हम हर हालत में अपनी नेकनामी ज़ाहिर करते हैं : जब हम सब्र से मुसीबतें, मुश्किलात और आफ़तें बरदाश्त करते हैं, See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20194 बल्कि ख़ुदा के ख़ादिमों की तरह हर बात से अपनी ख़ूबी ज़ाहिर करते हैं बड़े सब्र से मुसीबत, से एहतियात से तंगी से। See the chapterउर्दू हमअस्र तरजुमा4 बल्के हर बात से यह ज़ाहिर करने की कोशिश करते हैं के हम ख़ुदा के ख़ादिम हैं: हम ने बड़े सब्र से मुसीबत; एहतियाज और तंगी का सामना किया; See the chapter |