2 कुरि 5:8 - किताब-ए मुक़द्दस8 हाँ, हमारा हौसला बुलंद है बल्कि हम ज़्यादा यह चाहते हैं कि अपने जिस्मानी घर से रवाना होकर ख़ुदावंद के घर में रहें। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20198 गरचे, हम मुतमईन हैं और हम को बदन के वतन से जुदा हो कर ख़ुदावन्द के वतन में रहना ज़्यादा मंज़ूर है। See the chapterउर्दू हमअस्र तरजुमा8 हम इत्मीनान से हैं लेकिन बेहतर यह है के इस जिस्मानी घर को छोड़कर ख़ुदावन्द के घर में रहने लगें। See the chapter |