2 कुरि 10:3 - किताब-ए मुक़द्दस3 बेशक हम इनसान ही हैं, लेकिन हम दुनिया की तरह जंग नहीं लड़ते। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20193 क्यूँकि हम अगरचे जिस्म में ज़िन्दगी गुज़ारते हैं मगर जिस्म के तौर पर लड़ते नहीं। See the chapterउर्दू हमअस्र तरजुमा3 अगरचे हम दुनिया ही में रहते हैं, लेकिन हम दुनिया के जिस्मानियों की तरह नहीं लड़ते। See the chapter |