2 तवारीख़ 15:3 - किताब-ए मुक़द्दस3 लंबे अरसे तक इसराईली हक़ीक़ी ख़ुदा के बग़ैर ज़िंदगी गुज़ारते रहे। न कोई इमाम था जो उन्हें अल्लाह की राह सिखाता, न शरीअत। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20193 अब बड़ी मुद्दत से बनी — इस्राईल बग़ैर सच्चे खु़दा और बगै़र सिखाने वाले काहिन और बगै़र शरी'अत के रहे हैं, See the chapter |