1 समुएल 2:15 - किताब-ए मुक़द्दस15 न सिर्फ़ यह बल्कि कई बार नौकर उस वक़्त भी आ जाता जब जानवर की चरबी अभी क़ुरबानगाह पर जलानी होती थी। फिर वह तक़ाज़ा करता, “मुझे इमाम के लिए कच्चा गोश्त दे दो! उसे उबला गोश्त मंज़ूर नहीं बल्कि सिर्फ़ कच्चा गोश्त, क्योंकि वह उसे भूनना चाहता है।” See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201915 बल्कि चर्बी जलाने से पहले काहिन का नोकर आ मौजूद होता, और उस शख़्स से जो क़ुर्बानी पेश करता यह कहने लगता था, “काहिन के लिए कबाब के वास्ते गोश्त दे, क्यूँकि वह तुझ से उबला हुआ गोश्त नहीं बल्कि कच्चा लेगा।” See the chapter |