1 समुएल 2:13 - किताब-ए मुक़द्दस13 न इमाम की हैसियत से अपने फ़रायज़ सहीह तौर पर अदा करते थे। क्योंकि जब भी कोई आदमी अपनी क़ुरबानी पेश करके रिफ़ाक़ती खाने के लिए गोश्त उबालता तो एली के बेटे अपने नौकर को वहाँ भेज देते। यह नौकर सिहशाख़ा काँटा See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201913 और काहिनों का दस्तूर लोगों के साथ यह था, कि जब कोई शख़्स क़ुर्बानी करता था तो काहिन का नोंकर गोश्त उबालने के वक़त एक सहशाखा काँटा अपने हाथ मैं लिए हुए आता था; See the chapter |