1 कुरि 8:2 - किताब-ए मुक़द्दस2 जो समझता है कि उसने कुछ जान लिया है उसने अब तक उस तरह नहीं जाना जिस तरह उसको जानना चाहिए। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20192 अगर कोई गुमान करे कि मैं कुछ जानता हूँ तो जैसा जानना चाहिए वैसा अब तक नहीं जानता। See the chapterउर्दू हमअस्र तरजुमा2 अगर कोई यह ख़याल करता है के वह कुछ जानता है तो जैसा समझना चाहिये वैसा अब तक नहीं जानता। See the chapter |