4 एके बिस्वासै रैल्ह साँच्चिहिक् मोरा छाउराक् परौ तितसलाइ यि चिठि लेख्तिहि रहम्ना। परमेस्वर पिता आउँ हाम्रालाइ मुक्ति देलाहार येसु खिरिस्टक्भटे अनुग्रह आउँ सान्ति।