5 केहकेकि जुने पापि स्वभाव यनुसार चलसइ, उअ मन्सावा देहियाक इछा पुरा करे चाहसइ, बाकि पवितर-आत्मा यनुसार चललाहराह पवितर-आत्माक इछामा मन लगोसइ।