प्रकास 5:8 - चितवनिया थारु8 तखनहिँ उअ चार गो जिउते प्रानिसभ हसे चउबिस गो यगुवासभ पठवाक यागा घोप्टे परलइ। हरेक जनक हथवामा एकहक गो बजउना विडा तके धुपक बसानसे भरल सोनक कचोरा रहलइ, उअ धुपवाक बसान परमेस्वरक मन्सावानिक चढावल बिन्ति परथाना हखइ। See the chapter |