9 तब स्वरगदुतवा मोरके यसके कहलिय, “इअ लिखहि, पठवाक बियाहक भोजमा नेउता पउलहरा धन्यक हखइ।” उअ फेरि मोरके कहलिय, “परमेस्वरक सत्य वचनसभ इहे हखइ।”