7 हमरा आनन्द मनाउ हसे खुसि हखुँ, तके हुनेके महिमा देह! केहकेकि पठवाक बियाह हखेके जुन यासकल बडइ, हुनेक दुलहिया यपनहिँ सपरल बडिय।