3 हुनुका फेरि एकपल्टा जबड माहे यसके कहके चिलेलइ, “परमेस्वरक प्रसंसा हखइ, उअ जबडि सहरवाक जरलि धुववा सबदिन वपरावरि जाइरहतइ।”