4 तब मुइ स्वरगसे यसके कहइकि दोसरे स्वर सुनलहिँ, “अरे मोर मन्सावाह, उअ सहरवासे निकड यउह, नत वकर पापसभमा तोहरा सहभागि हखबह हसे वकर पवलि सजाय तोहरा फेनि पउबह।