9 तब मुइ उअ स्वरगदुतवा लघिना जाके उअ झिनकि कगतवा मङलहि हसे उअ मोरके कहलिय, “इअ लेहि तके खाहि। इअ खेबहि जउँ, तोर मुहवामा मधुक रस नहिँया गुरिह हतइ, बाकि तोर पेटवामा यामित हतइ।”