4 उअ बदरिया सातपारि गुरगुरभटभट करतेकि, मुइ लिखे लगलहिँ, बाकि स्वरगसे यसनुक एगुडा यवाज मुइ सुनलहिँ, “सात गो गुरगुरभटभट करलि यवाज झिन लिखहि, बाकि इअ बतवा मनवामा लोकाके रखसि।”