मतिक लिखल सुसमाचार 9:28 - चितवनिया थारु28 जब येसुजि घरवा भितरा पेसलसि, उअ दु जन यन्हरि मन्सावा हुनेक लघिना यलइ। तब येसुजि हुनुकाके पुछलसि, “कथि मुइ तोहराके डउल बनावे सकबहि कहके तोहरा विस्वास करसह?” हुनुका कहलइ, “हँ प्रभुजि, हमरा विस्वास करसहुँ।” See the chapter |