61 तखनहिँ दोसरे एक जन याके येसुजिके कहलिय, “प्रभुजि, मुइ यपनहुँक पाछा यबहिँ, बाकि पहिला मोरके यापन घरवामा भेलि मन्सावानिसे बिदा लेवेके जाए देहुँ।”