32 तखनहिँ उहे पहडावाक तिरवामा सुवरक एक बगाल चरहइ रहलइ। उअ भुतवाह येसुजिके बिन्ति करलइ, “हमराके सुवरवाक भितरा पेसे देहुँ। तब येसुजि हुनुकाके अनुमति देलसि।”