5 बाकि इअ विधुवा याके मोरके खाँ दुःख देलेसे मुइ यकर न्याय करदेबहिँ। यगर न्याय नाहिँ करदेबहि जउँ, इअ घर-घराहे याके मोरके उमछोबिय’।”