3 उहे सहरवामा एक जन विधुवा फेनि रहलिय। उअ घर-घराहे न्यायधिसवाक लघिना जाके ‘मोर सतरुवानिक विरोधमा मोर न्याय कर देहुँ’ कहके कहिय।