11 केहकेकि मन्सावानिके पवितर बनोलहर येसु हसे पवितर बनावल जम्मे जनक एगुडे पिता बडसि। उहेसे हुने जम्मे जनके “मोर ददेर-भाइ हसे दिदेर-बहिनसभ” कहेके हइने लजेससि।