49 ‘स्वरग मोर राजगद्वि हसे धरतिया मोर टाङ धरना ठउरि हखइ। तोहरा मोर तहिँया कस्नुक मन्दिर बनोबह त? हसे मोर विसइना ठउरि कहवाँ बडइ?