19 “बाकि मुइ कहलहिँ, ‘हे प्रभुजि, मुइ कस्के जम्मे सभाघरवामा जाके यपनहुँमा विस्वास करलहरानिके झ्यालखनवामा थुनले हसे पिटले बडहिँ कहके जम्मे जनक थाह बडइ।