2 केहकेकि तखनहिँ मन्सावाह यपनहिँके मतरे माया करतइ हसे पइसाक लोभ करतइ। हुनुका घमन्डि, ढिठ, निन्दक, यापन दाओ-बाबाक आग्या हइने मनलाहर, बइगुनि हसे अपवितर हतइ।