14 हुनुकर यखिया धुचुडसे भरल रहसइ हसे हुनुका पाप हइने करके रहे हइने सकसइ। हुनुका चनचल मन भेलि मन्सावानिके फसोसइ। हुनुकर हृदय लोभसे भरल रहसइ। उहेसे हुनुकरमा परमेस्वरक सराप परल बडइ।