16 उहेसे हमरा हरेस हइने खेसहुँ। हमार बाहराक देहियाक बोल्ह घटते गेले, ताफेनि हमार भितराक आत्मिकि बोल्ह दिन-दिन लउठा हखते जाइरहसइ।