2 यगर मोरसाङे अगमवाडि फदकेके वरदान बडइ हसे जम्मे रहस्य तके जम्मे खलिक ग्यान बुझे सकसहिँ हसे मोरसाङे पहाड होटावे सकेके पुरा विस्वास भेले ताफेनि मुइ प्रेम नाहिँ करबहिँ जउँ, मुइ किहो फेनि हइने हखहि।