21 सृष्टी तैस धियाड़िरा इन्तजार काति आ, जेख्णी तैस मोउती जां विनाश किना छुड़खी करि परमेश्वरेरी संतानियां सिंउ महिमा मझ आजादी सिंउ शामिल भौ गांहणु।