13 ऐनि तराहि, जै परम्पराय तुहैं मैहणुवंनी शिख्राउरी अत्ति, तेठणिरै जरियै सिंउ परमेश्वरेरै वचनेरै अधिकारा नष्ट करि दींतै।”