28 आंउ तुहां सेईतै सच-सच बोलता, कि मैहणुवां केरी सभ आउलादिरै सारै पाप जां निंदा जै सै कातै भूंतै, परमेश्वर तेन्हांनि माफ करि दैला अगर सै पश्चाताप करेलै,