15 आंउ तुहां सिंउ सच बोलता कि, जेख्णी न्याय भूंणा तैस धियाड़ि तैस नगरेरी दशा सदोम जां अमोरेरै नगरा केरी दशा जादा सहन कानें लायक भूंणी।