25 अक धियाड़ि जेख्णी यीशु मैहणुवंनी शिक्षा दींता थ्या, ता अक व्यवस्थापक उठा जां ऐक्यु बोलि करि तैस परखणा लगा, “हे गुरू! आंउ कितु करूं कि मूंनी अनन्त जीवन मेईया?”